
राजकिशोर तिवारी
पिथौरागढ़, 19 अगस्त 2026ः
उत्तराखंड के टनकपुर-तवाघाट हाईवे पर कुलागाड़ के पास पहाड़ी से गिरे विशाल बोल्डर और मलबे की चपेट में आने से वैली ब्रिज क्षतिग्रस्त होकर खिसक गया है। इससे हाईवे पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। पुल के क्षतिग्रस्त होने से धारचूला तहसील का चीन और नेपाल सीमा से लगा करीब दो-तिहाई क्षेत्र कट गया है। दारमा, व्यास और चौदास घाटियों समेत आसपास के सीमांत गांवों का धारचूला तहसील मुख्यालय से संपर्क बाधित होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
धारचूला से करीब सात किलोमीटर दूर कुलागाड़ के पास मंगलवार देर रात अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और विशाल बोल्डर सीधे वैली ब्रिज पर जा गिरे, जिससे पुल का एक हिस्सा टूट गया और पूरा पुल अपनी जगह से खिसक गया। मलबे और बोल्डरों के दबाव से पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद हाईवे पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई। सड़क संपर्क टूटने का सबसे अधिक असर सीमांत क्षेत्र के ग्रामीणों पर पड़ा है। दारमा, व्यास और चौदास घाटियों के ग्रामीणों को जरूरी काम के लिए धारचूला पहुंचने में दिक्कत हो रही है। आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और अन्य जरूरी सेवाओं की आवाजाही भी प्रभावित हुई है।
सामरिक दृष्टि से संवेदनशील इस क्षेत्र में सड़क संपर्क बाधित होने से सेना और सुरक्षा बलों की आवाजाही पर भी असर पड़ा है। इस मार्ग से गुंजी और कुटी की ओर पूजा-पाठ के लिए जा रहे श्रद्धालु भी रास्ते में फंस गए हैं। मार्ग बंद होने से उनकी यात्रा प्रभावित हुई है। अब उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था या पुल खुलने का इंतजार करना पड़ रहा है। इसके अलावा तिब्बत से वापस लौट रहे नौवें कैलास मानसरोवर यात्रा दल के भी बुधवार को धारचूला स्थित आधार शिविर पहुंचने का कार्यक्रम है। ऐसे में पुल टूटने से यात्रा व्यवस्था को लेकर भी चुनौती खड़ी हो गई है।
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन और सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) सक्रिय हो गया। क्षतिग्रस्त पुल के कारण पूरी तरह बाधित यातायात को जल्द बहाल करने के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार करने का काम शुरू कर दिया गया है। बीआरओ के अनुसार बुधवार शाम तक डायवर्जन तैयार कर आवाजाही शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है।






