
लखनऊ, 22 अगस्त 2026:
नीट पेपर लीक के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर जेन-जी के आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में शनिवार को लखनऊ में यूथ कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। यूथ कांग्रेस (मध्य) के प्रदेश अध्यक्ष दीपक शिवहरे के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने राजभवन घेराव के लिए परिवर्तन चौक से मार्च शुरू किया लेकिन पुलिस ने बाबू केडी सिंह स्टेडियम के पास उन्हें रोक दिया।

यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की योजना परिवर्तन चौक से विधानसभा होते हुए राजभवन तक पहुंचने की थी। करीब दो किलोमीटर से ज्यादा लंबे इस मार्च को देखते हुए पुलिस ने पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। प्रदर्शन शुरू होने से करीब डेढ़ घंटे पहले परिवर्तन चौक के आसपास भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था।
प्रदर्शनकारी जैसे ही परिवर्तन चौक से करीब 300 मीटर आगे बाबू केडी सिंह स्टेडियम के पास पहुंचे पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उनका रास्ता रोक दिया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने एक-एक कर कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और वाहनों से इको गार्डन भेज दिया। मौके पर कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच कुछ देर तक नोकझोंक और धक्का-मुक्की का माहौल बना रहा।
प्रदर्शन में कांग्रेस के यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, राष्ट्रीय सचिव जगदीश चंद्र जांगीड़, अब्दुल हन्नान के साथ सांसद राकेश राठौर, पूर्व एमएलसी दीपक सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए। नेताओं ने केंद्र सरकार पर जेन-जी छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया।

दीपक ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आंदोलन तब तक नहीं रुकेगा जब तक गृहमंत्री अमित शाह इस्तीफा नहीं देते। उन्होंने पुलिस बल की तैनाती को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए और कहा कि अगर पेपरलीक रोकने में इतनी ही मेहनत की गई होती तो आंदोलन की नौबत नहीं आती।
प्रदर्शन के दौरान तैनात पुलिसकर्मियों में कई जवानों के नेमप्लेट नहीं लगाए होने की बात भी सामने आई। वहीं, बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के सड़क पर उतरने से बाबू केडी सिंह स्टेडियम के पास कुछ देर के लिए यातायात प्रभावित हुआ।
हालांकि, पहले से तैनात पुलिसकर्मियों ने मोर्चा संभालते हुए ट्रैफिक को नियंत्रित कर लिया। यूथ कांग्रेस के इस प्रदर्शन ने लखनऊ में कांग्रेस के राजनीतिक तेवरों को एक बार फिर सड़क पर ला दिया है। जेन-जी आंदोलन के मुद्दे को लेकर पार्टी अब केंद्र सरकार को घेरने की रणनीति पर आगे बढ़ती दिख रही है।






