Uttarakhand

New Education Policy 2020 : सॉलिड रोडमैप बनाएं विश्वविद्यालय, शिक्षा मंत्री बोले- उद्योग जगत से करें एमओयू

आईआईटी रुड़की में आयोजित ‘उत्तराखंड एनईपी कॉन्क्लेव-2026’ में पहुंचे डॉ. धन सिंह रावत, कहा- विश्वविद्यालयों में आधुनिक प्रयोगशालाएं और इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित करने पर दिया जाएगा जोर

राजकिशोर तिवारी

रुड़की, 23 अगस्त 2026ः

उत्तराखंड के तकनीकी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत आईआईटी रुड़की में आयोजित ‘उत्तराखंड एनईपी कॉन्क्लेव-2026’ में पहुंचे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में नई शिक्षा नीति-2020 को प्रभावी ढंग से अमल करने को लेकर विश्वविद्यालयों को अब ठोस और समयबद्ध रोडमैप तैयार करना होगा। उच्च शिक्षा को रोजगारपरक, नवाचार आधारित और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के साथ ही पाठ्यक्रमों को उद्योग जगत की जरूरतों व भारतीय ज्ञान परंपरा के अनुरूप विकसित किया जाएगा। विश्वविद्यालयों में आधुनिक प्रयोगशालाएं, इनोवेशन सेंटर, स्टार्टअप व इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित करने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।

‘उद्योगों की बदलती जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रम अपडेट करें’

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‘एनईपी एक्शन प्वाइंट टू इंस्टीट्यूशनल एक्शन: उत्तराखंड हायर एजुकेशन रोडमैप’ विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला में प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने एनईपी के अमल, नवाचार, शोध, कौशल विकास और उद्योग-शिक्षा सहयोग को लेकर प्रस्तुतियां दीं। मंत्री डॉ. रावत ने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 के शत-प्रतिशत प्रावधानों को जमीन पर उतारने के लिए सभी विश्वविद्यालय स्पष्ट लक्ष्य और समयसीमा निर्धारित करें। छात्रों को केवल डिग्री तक सीमित न रखते हुए उन्हें कौशल, नवाचार, उद्यमिता और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना विश्वविद्यालयों की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालयों से स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर के उद्योगों के साथ एमओयू करने को कहा। उद्योगों की बदलती जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रमों को नियमित रूप से अपडेट करने व छात्रों में उद्यमिता की भावना विकसित करने पर भी उन्होंने जोर दिया।

स्थानीय जरूरतों से जुड़े शोध को मिले बढ़ावा

उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक एवं आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय ऐसे पाठ्यक्रम और शोध कार्यों को बढ़ावा दें, जिनका सीधा लाभ प्रदेश की अर्थव्यवस्था और स्थानीय युवाओं को मिले। पर्यटन, कृषि, बागवानी, आयुष, पर्यावरण, आपदा प्रबंधन, हिमालयी पारिस्थितिकी और स्थानीय उत्पादों से जुड़े शोध एवं नवाचार को प्राथमिकता देने की जरूरत है। उन्होंने विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों की राज्य स्तरीय रैंकिंग शुरू करने, शैक्षणिक एवं शिक्षणेत्तर के शत-प्रतिशत रिक्त पद भरने, पुरातन छात्रों का डाटा तैयार करने और छात्रावासों का सुरक्षा ऑडिट कराने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही पेपर लीक की रोकथाम, छात्रों के डेटा की सुरक्षा और छात्रों के साथ निरंतर संवाद को भी महत्वपूर्ण बताया।
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2028 तक एनईपी के अमल का रोडमैप सामने रखा

कार्यशाला में सचिव उच्च शिक्षा बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने वर्ष 2028 तक एनईपी 2020 को प्रभावी ढंग से अमल करने को लेकर उच्च शिक्षा विभाग का रोडमैप और एजेंडा प्रस्तुत किया। कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डीएस रावत ने एनईपी के अमल, चुनौतियों और गुणवत्ता से जुड़े विषयों पर प्रस्तुति दी। आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. केके पंत ने मेंटरिंग, क्षमता निर्माण, संस्थागत सहयोग और हब एंड स्पोक मॉडल की संभावनाओं पर विचार रखे। दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रमाकांत पाण्डेय और ग्राफिक एरा डीम्ड विश्वविद्यालय के महानिदेशक प्रो. अमित आर. भट्ट ने इंटरडिसिप्लिनरी लर्निंग, रिसर्च, इनोवेशन और पाठ्यक्रमों में जरूरी बदलावों पर प्रस्तुतियां दीं। एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. प्रकाश सिंह, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एसएस बिष्ट और एसजीआरआर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. के. प्राथापन ने नए इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल, इन्क्यूबेशन सेंटर और मेगा एजुकेशन हब की संभावनाएं सामने रखीं।

कृषि क्षेत्र की भविष्य की जरूरतों पर किया फोकस

उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी और श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अम्बरीश महाजन ने यूनिफाइड डिजिटल प्लेटफॉर्म और विदेशी संस्थानों के साथ शैक्षणिक सहयोग पर विचार रखे। तकनीकी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. तृप्ता ठाकुर, एचएनबी चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. भानु दुग्गल और जीबी पंत कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. शिवेंद्र कश्यप ने कौशल आधारित शिक्षा, इंटर्नशिप, टेक-रेडी वर्कफोर्स और कृषि क्षेत्र की भविष्य की जरूरतों पर प्रस्तुतियां दीं। आईआईएम लखनऊ के एंटरप्राइज इनक्यूबेशन सेंटर के एचओडी बिजनेस डेवलपमेंट आदित्य प्रसाद ने उत्तराखंड में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने और नए स्टार्टअप स्थापित करने की संभावनाओं पर प्रस्तुति दी। इस अवसर पर उच्च शिक्षा निदेशक प्रो. वीएन खाली, आईआईटी रुड़की के डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. एनके नवानी सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

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Anurag Chaturvedi

अनुराग चतुर्वेदी पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता, लेखन और संपादन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए खबरों को निष्पक्षता और गहराई के साथ जनता के सामने रखा है।

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