UP News : सील अस्पतालों को खुलवाने के लिए रिश्वत का खेल! वायरल वीडियो से हड़कंप, डिप्टी CM ने बैठाई जांच
लखनऊ में सीएमओ कार्यालय के आरोपी लिपिक को हटाया गया, डिप्टी सीएमओ से नर्सिंग होम का चार्ज छीना, राजधानी के साथ उन्नाव और कानपुर में भी जांच

लखनऊ, 31 अक्टूबर 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में सील अस्पतालों को दोबारा खुलवाने के नाम पर स्वास्थ्य विभाग में कथित रिश्वतखोरी का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। अस्पतालों को दोबारा संचालित कराने के एवज में अधिकारियों और कर्मचारियों पर सुविधा शुल्क मांगने के आरोप लगे हैं। इस कथित खेल से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने कड़ी नाराजगी जताते हुए जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
डिप्टी सीएम के निर्देश पर स्वास्थ्य महानिदेशालय स्तर से तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई है। कमेटी सामने आए वीडियो और संबंधित क्लिपिंग की जांच करने के साथ लखनऊ, उन्नाव और कानपुर नगर में लगे आरोपों की भी पड़ताल करेगी। महानिदेशालय को एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट और दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव शासन को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
कार्रवाई की जद में सीएमओ कार्यालय के कर्मचारी और अधिकारी
मामले में विभागीय स्तर पर कार्रवाई भी शुरू हो गई है। लखनऊ के सीएमओ कार्यालय में तैनात लिपिक संजीव को वहां से हटाकर इंदिरानगर स्थित ट्रेनिंग सेंटर से संबद्ध कर दिया गया है। वहीं, नर्सिंग होम एवं अस्पताल के नोडल अधिकारी डिप्टी सीएमओ डॉ. एपी सिंह से चार्ज वापस ले लिया गया है। उनकी जगह डॉ. रवि पांडेय को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नए नाम से अस्पताल खोलने का आरोप
राजधानी में एक हजार से अधिक नर्सिंग होम एवं निजी अस्पताल संचालित हैं। मानकों की अनदेखी मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने इनमें से कई अस्पतालों को सील किया था। आरोप है कि कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों ने अस्पताल संचालकों से मिलीभगत कर उन्हीं अस्पतालों को नए नाम से दोबारा संचालित कराने का रास्ता निकाल लिया। इसके बदले कथित तौर पर रिश्वत मांगी गई। ऐसे ही एक मामले में सीएमओ कार्यालय के अधिकारी और लिपिक पर रुपये मांगने के आरोप भी लगे हैं।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने स्पष्ट किया है कि विभाग की छवि धूमिल करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। अब जांच कमेटी की रिपोर्ट से इस कथित गठजोड़ में शामिल लोगों की भूमिका उजागर होने की उम्मीद है।






