ElectionsLucknow City

UP Election से पहले मायावती का बड़ा चुनावी दांव! 6 दिसंबर को लखनऊ में दिखाएंगी BSP की ताकत

बसपा प्रमुख ने किया ऐतिहासिक रैली का ऐलान, बोलीं- मैदान ही नहीं, पूरे लखनऊ को भीड़ से भर देंगे, बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने और उम्मीदवारों के चयन की तैयारियों की समीक्षा

लखनऊ, 5 नवंबर 2026:

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election) 2027 से पहले बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने अपनी चुनावी ताकत दिखाने की तैयारी तेज कर दी है। बसपा प्रमुख मायावती ने आगामी 6 दिसंबर को राजधानी लखनऊ में बड़े शक्ति प्रदर्शन का ऐलान किया है। डॉ. भीमराव अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर सामाजिक परिवर्तन स्थल में होने वाली इस रैली को ऐतिहासिक बनाने का दावा करते हुए मायावती ने कहा कि इस बार भीड़ के मामले में अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़े जाएंगे। उन्होंने कहा कि उस दिन हम मैदान ही नहीं पूरे लखनऊ को भीड़ से भर देंगे।

मायावती का यह ऐलान विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बसपा की चुनावी रणनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। राजनीतिक हलकों में इसे पार्टी के खोए जनाधार को फिर से मजबूत करने और अपने परंपरागत वोट बैंक की ताकत का प्रदर्शन करने की बड़ी कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। बसपा सुप्रीमो ने साफ संकेत दिया है कि पार्टी अब चुनावी मैदान में पूरी ताकत के साथ उतरने की तैयारी में है।

सभी जिलों के अध्यक्षों से चुनावी तैयारियों का लिया जायजा

लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में गुरुवार को आयोजित बैठक में मायावती ने यूपी स्टेट, मंडल और जिला स्तर के पदाधिकारियों के साथ संगठन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में सभी 75 जिलों के अध्यक्षों समेत छोटे-बड़े पदाधिकारी शामिल हुए। मायावती ने विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बूथ स्तर तक संगठन की स्थिति, जमीनी तैयारियों और संभावित उम्मीदवारों के चयन पर चर्चा की।

ये भी पढ़ें:

उन्होंने कार्यकर्ताओं से बहुजन समाज के आत्मसम्मान और स्वाभिमान के मुद्दे को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। मायावती ने ‘वोट हमारा, राज भी हमारा’ के नारे के साथ सर्वजन हितैषी संकल्प को आम लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया।

Advertisement

UP Election से पहले मायावती का बड़ा चुनावी दांव! 6 दिसंबर को लखनऊ में दिखाएंगी BSP की ताकत (2)

वोट चोरी के मुद्दे पर घेरा, बैलेट पेपर की मांग

बैठक में मायावती ने वोट चोरी के मुद्दे पर भाजपा को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि देश में पूर्ण विश्वसनीय, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावी व्यवस्था तथा जिम्मेदार शासन के अभाव में राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इसमें प्रभावी सुधार की सख्त जरूरत है।
ईवीएम को लेकर भी मायावती ने अपनी पुरानी आपत्ति दोहराई। उन्होंने कहा कि ईवीएम का विरोध सबसे पहले बसपा ने किया था। अब देश के अधिकांश नागरिक बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं।

भाजपा-कांग्रेस पर हमला, दलित-पिछड़ों को जोड़ने की रणनीति

मायावती ने भाजपा और कांग्रेस दोनों पर हमला बोलते हुए कहा कि दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों, मुस्लिमों और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों के हित बसपा सरकार में ही सुरक्षित रह सकते हैं। उन्होंने गरीबों, मजदूरों, किसानों, छोटे व्यापारियों, महिलाओं और युवाओं के हितों की रक्षा के लिए भी बसपा को सबसे बेहतर विकल्प बताया।

बैठक में दलितों, पिछड़ों और अन्य उपेक्षित वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ने का संकल्प दोहराया गया। मायावती ने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संगठन मजबूत करने, जनता के बीच सक्रियता बढ़ाने और चुनावी तैयारियों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

बैठक में जोरदार तालियों और नारों के बीच 6 दिसंबर की रैली को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया गया। अब सबकी नजर इस बात पर होगी कि मायावती के इस बड़े दावे के अनुरूप बसपा अंबेडकर स्थल पर कितनी भीड़ जुटा पाती है और यह शक्ति प्रदर्शन 2027 के चुनावी समीकरणों को कितना प्रभावित करता है।

ये भी पढ़ें  UPSSSC JE Recruitment : डिप्टी CM आवास के बाहर गरजे 4,612 अभ्यर्थी, रखीं ये मांगें

Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button
Secret Link