Uttar Pradesh

गरीब बच्चों के सपनों को लगे पंख… सर्वोदय विद्यालयों से निकले JEE के सितारे

बोर्ड परीक्षाओं में भी लहराया परचम, योगी सरकार की निशुल्क शिक्षा नीति का असर, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्र आईआईटी और प्रतिष्ठित संस्थानों की ओर बढ़ा रहे कदम

लखनऊ, 2 जून 2026:

यूपी में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे बदलाव अब परिणामों के रूप में सामने आने लगे हैं। सीएम योगी के मार्गदर्शन में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने जेईई मेंस, जेईई एडवांस और बोर्ड परीक्षाओं में उल्लेखनीय सफलता हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। इन उपलब्धियों ने साबित किया है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती। बस उसे सही अवसर और मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है।

समाज कल्याण विभाग के अनुसार मिर्जापुर के मड़िहान स्थित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय को डॉ. अरुण कुमार तिवारी ट्रस्टी एक्स नवोदयन फाउंडेशन और टाटा एआईजी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के सीएसआर सहयोग से जेईई और नीट की निशुल्क तैयारी के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया गया है। इसी का परिणाम है कि इस वर्ष विद्यालय के 11 विद्यार्थियों ने जेईई मेंस परीक्षा में सफलता प्राप्त की।

मड़िहान की छात्राओं दामिनी पटेल, अंवाला वर्मा, सृष्टि, शिवानी और रागिनी ने जेईई मेंस में सफलता हासिल की। इसके साथ प्रीति ने जेईई एडवांस्ड के लिए भी क्वॉलीफाई किया। विशेष बात यह रही कि प्रीति और दामिनी का चयन आईआईटी मंडी के बीबीए-एमबीए कार्यक्रम के लिए भी हुआ है। इसके अलावा देवरिया, बाराबंकी, बस्ती और मिर्जापुर के अन्य विद्यार्थियों ने भी जेईई मेंस में सफलता दर्ज कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।

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वहीं बोर्ड परीक्षाओं में भी सर्वोदय विद्यालयों के छात्रों का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। गाजियाबाद के निडौरी स्थित विद्यालय की छात्राओं अंजलि पुंडीर और अंशिका ने जनपद स्तर पर क्रमशः चौथा और छठा स्थान प्राप्त किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें नकद पुरस्कार, प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया गया।

समाज कल्याण राज्य मंत्री असीम अरुण ने सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के हर प्रतिभाशाली छात्र को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि सर्वोदय विद्यालयों की सफलता शिक्षा सुधार और सामाजिक समावेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

प्रदेश में संचालित 103 आवासीय सर्वोदय विद्यालय आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को कक्षा 6 से 12 तक निशुल्क शिक्षा, आवास, भोजन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी उपलब्ध करा रहे हैं। यही वजह है कि आज इन विद्यालयों के छात्र आईआईटी, मेडिकल और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। यह सफलता प्रदेश में शिक्षा के लोकतंत्रीकरण और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की नई कहानी लिख रही है।

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