
लखनऊ, 23 सितंबर 2026:
UP Assembly Elections 2027 की आहट के साथ प्रदेश की सियासत में जुबानी जंग भी तेज हो गई है। योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी (सपा) और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए राजभर ने अखिलेश यादव पर रोजगार, कानून-व्यवस्था और पिछली सपा सरकार के कामकाज को लेकर निशाना साधा।
मंत्री राजभर ने अपने पोस्ट की शुरुआत तंज के साथ की। उन्होंने लिखा, ‘का भइया अखिलेश जी, हाल-चाल ठीक है न? वैसे लगता नहीं है कि हाल ठीक होगा।’ इसके बाद उन्होंने प्रदेश में होने वाली भर्तियों का जिक्र करते हुए दावा किया कि चुनाव से पहले एक लाख युवाओं को नौकरी मिलने जा रही है। उन्होंने कहा कि ये नौकरियां बिना लेन-देन, बिना भेदभाव, बिना जात-पात और बिना क्षेत्रवाद के दी जाएंगी।
मंत्री ने दावा किया कि नौ साल में साढ़े नौ लाख नौकरियां दी जा चुकी हैं और कुछ ही हफ्तों में यह आंकड़ा 10 लाख तक पहुंच जाएगा। सीएम योगी आदित्यनाथ के कथित तौर पर दिए गए बयान का हवाला देते हुए उन्होंने अखिलेश यादव से ‘गिनती शुरू’ करने को कहा। इसी दौरान उन्होंने अखिलेश के चाचा शिवपाल यादव पर भी तंज कसा।
बोले- 47 सीट भी आ जाए तो कहिएगा
राजभर यहीं नहीं रुके। उन्होंने चुनावी तैयारी को लेकर अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा, ‘चुनाव आ रहा है। दोपहर 12 बजे तक सोना छोड़ दीजिए।’ उन्होंने 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में सपा के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि इस बार 47 सीटें भी मिल जाएं तो बड़ी बात होगी।
का भइया अखिलेश जी, हाल-चाल ठीक है न?
वैसे लगता नहीं है कि हाल ठीक होगा। चुनाव से पहले एक लाख युवाओं को नौकरी मिलने जा रही है। वो भी बिना लेन-देन के, बिना भेदभाव के, बिना जात-पात के, बिना क्षेत्रवाद के।
नौ साल में साढ़े नौ लाख नौकरी दी जा चुकी है। दस का आंकड़ा कुछ हफ़्तों में…
— Om Prakash Rajbhar (@oprajbhar) September 22, 2026
सपा सरकार के कार्यकाल पर हमला बोलते हुए राजभर ने युवाओं, नौकरियों और अपराध को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकार में भेदभाव और पैसे लेकर नौकरी देने की स्थिति थी। साथ ही उन्होंने अपराधियों और कथित ‘शूटर’ संस्कृति को लेकर भी अखिलेश यादव को घेरा।
अंत में राजभर ने कहा कि आगामी चुनाव एकतरफा नहीं होना चाहिए और अखिलेश यादव को ‘ठीक से चुनाव लड़ने’ की नसीहत दी। उनके इस बयान के बाद यूपी की सियासत में चुनावी तापमान और बढ़ने के संकेत हैं।






