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अब नहीं चलेगा धुआं-धूल का खेल! योगी सरकार ने NCR की हवा साफ करने का बनाया ये प्लान

पराली जलाने पर निगरानी बढ़ेगी, प्रदूषणकारी उद्योगों की होगी नियमित जांच, ई-बसों और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगी रफ्तार, साफ हवा के साथ सांस और सेहत बचाने पर जोर

लखनऊ, 22 अगस्त 2026:

एनसीआर की हवा में बढ़ते प्रदूषण को लेकर योगी सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने वायु प्रदूषण की प्रभावी रोकथाम के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद मुख्य सचिव एसपी गोयल ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर पराली प्रबंधन, सड़क की धूल, प्रदूषणकारी उद्योगों और वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण की कार्ययोजना की समीक्षा की। साफ हवा को केवल पर्यावरण ही नहीं, बल्कि लोगों की सेहत से जोड़ते हुए समयबद्ध कार्रवाई पर जोर दिया गया।

पराली जलाने पर खेत स्तर से निगरानी

बैठक में धान की पराली के प्रबंधन को सबसे अहम मुद्दों में शामिल किया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि किसानों को पराली निस्तारण में किसी तरह की परेशानी न हो। इसके लिए बेलर समेत जरूरी कृषि मशीनरी की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जहां मशीनरी की कमी है, वहां लंबित टेंडर प्रक्रिया जल्द पूरी कराने को कहा गया है।

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इसके साथ ही खेत स्तर पर निगरानी बढ़ाकर पराली जलाने की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए गए। उपलब्ध मशीनरी और संसाधनों का अधिकतम इस्तेमाल करने तथा किसानों को जागरूक करने पर भी जोर दिया गया।

प्रदूषणकारी उद्योगों पर सख्ती

वायु प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों की नियमित जांच होगी। प्रदूषण मानकों का उल्लंघन करने वाले उद्योगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के साथ उन्हें प्रदूषण नियंत्रण के जरूरी उपकरण लगाने के निर्देश दिए जाएंगे। सरकार का फोकस ऐसे स्रोतों पर भी है, जो लगातार हवा की गुणवत्ता खराब करते हैं।

सड़क की धूल भी बनेगी निशाने पर

मुख्य सचिव ने रोड रिडेवलपमेंट, रोड डस्ट नियंत्रण और गड्ढों की मरम्मत को प्राथमिकता देने को कहा। क्षतिग्रस्त फुटपाथों की मरम्मत भी समयबद्ध तरीके से कराई जाएगी। लोक निर्माण विभाग, नगर निकायों, स्थानीय निकायों और हाउसिंग एवं अर्बन से जुड़े विभागों की खराब सड़कों की जानकारी संबंधित विभागों को तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

ई-बसों और चार्जिंग नेटवर्क पर जोर

शहरी क्षेत्रों में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए ईवी सिटी बसों की खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा गया है। इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए जरूरी चार्जिंग प्वाइंट्स की संभावित लोकेशन चिन्हित कर नेडा को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

हर विभाग में नोडल अधिकारी, हर महीने समीक्षा

वायु प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े कामों की निगरानी के लिए हर संबंधित विभाग में नोडल अधिकारी नामित किए जाएंगे। पवन पोर्टल पर सही, पूर्ण और अपडेटेड डेटा दर्ज करना अनिवार्य होगा। वाहनों को जब्त करने की कार्रवाई में अपेक्षित प्रगति नहीं करने वाले जिलों के जिम्मेदार अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने और मासिक लक्ष्य तय करने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार का उद्देश्य प्रदूषण के आंकड़ों में सुधार करने के साथ लोगों को प्रदूषित हवा से होने वाले स्वास्थ्य जोखिम से बचाना भी है। इसके लिए जनजागरूकता अभियान और विभिन्न गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

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Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

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