UP News : 1.42 करोड़ स्कूली बच्चों को पढ़ाया जा रहा पर्यावरण संरक्षण का पाठ, 1.32 लाख स्कूलों में खास अभियान
सात दिन, सात थीम और बदलाव का संकल्प! ब्रिक्स सतत जीवनशैली सप्ताह में बच्चों को सिखाए जा रहे ऊर्जा-जल संरक्षण से लेकर प्लास्टिक और ई-कचरा प्रबंधन के गुर, घर-समाज तक पहुंचेगा पर्यावरण बचाने का संदेश

लखनऊ, 4 नवंबर 2026:
उत्तर प्रदेश में अब स्कूली बच्चों को किताबी शिक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ जीवनशैली का पाठ भी पढ़ाया जा रहा है। योगी सरकार ने प्रदेश के 1.32 लाख से अधिक परिषदीय विद्यालयों में एक से सात नवंबर तक ब्रिक्स (BRICS) सतत जीवनशैली सप्ताह आयोजित किया है। इसके जरिए करीब 1.42 करोड़ विद्यार्थियों को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनाने और छोटी-छोटी आदतों से बड़े बदलाव की सीख दी जा रही है। खास बात यह है कि अभियान का दायरा स्कूलों तक सीमित नहीं है। बच्चों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश उनके परिवारों और समुदायों तक पहुंचाने की भी तैयारी है।
यह अभियान मिशन लाइफ (पर्यावरण के लिए जीवनशैली) के सात प्रमुख विषयों पर आधारित है। इसका मकसद बच्चों को पर्यावरण संरक्षण की जानकारी देने के साथ उन्हें रोजमर्रा के जीवन में पर्यावरण-अनुकूल आदतें अपनाने के लिए प्रेरित करना है। इसमें इको क्लबों की भूमिका अहम रखी गई है। कार्यक्रम से जुड़ी गतिविधियों और सूचना-शिक्षा-संचार सामग्री के लिए निर्धारित पोर्टल ecoclubs.education.gov.in की मदद ली जा रही है।
सात दिन, सात विषयों पर पर्यावरण बचाने की सीख
सप्ताह के हर दिन को एक खास पर्यावरणीय विषय के लिए निर्धारित किया गया है। एक नवंबर को स्वस्थ जीवनशैली, दो नवंबर को ऊर्जा संरक्षण और तीन नवंबर को जल संरक्षण पर गतिविधियां आयोजित की गईं। चार नवंबर को टिकाऊ खाद्य प्रणालियों के प्रति जागरूकता बढ़ाई गई। अब पांच नवंबर को एकल उपयोग प्लास्टिक से दूरी, छह नवंबर को ई-कचरे में कमी और सात नवंबर को कचरा कम करने पर विशेष गतिविधियां होंगी।
स्कूल बनेंगे पर्यावरण जागरूकता के केंद्र
अभियान के तहत विद्यालयों में मिशन लाइफ की शपथ, पोस्टर निर्माण, रचनात्मक प्रतियोगिताएं, कार्यशालाएं और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। विद्यार्थियों को बिजली-पानी बचाने, प्लास्टिक के विकल्प अपनाने, कचरे को अलग-अलग रखने और वस्तुओं के पुनः उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। प्रयास है कि बच्चे इन आदतों को अपने घर और आसपास भी अपनाएं तथा दूसरों को इसके लिए जागरूक करें।
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह के मुताबिक प्रदेश सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बच्चों को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। आज बच्चों में विकसित होने वाली पर्यावरण-अनुकूल आदतें भविष्य में संरक्षण की मजबूत नींव बनेंगी।
वहीं, स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी का कहना है कि इको क्लबों और विद्यार्थियों की सहभागिता से पर्यावरण-अनुकूल व्यवहार को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का प्रयास किया जा रहा है। बच्चों को अपने परिवार और समुदाय तक भी टिकाऊ जीवनशैली का संदेश पहुंचाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।






