Ayodhya Deepotsav : 30 लाख दीपों से बनेगा नया विश्व रिकॉर्ड, 2,100 ड्रोन आसमान में रचेंगे रामायण
10वें दीपोत्सव में 56 घाटों पर एक साथ जगमगाएंगे 30 लाख से अधिक दीप, 35 हजार स्वयंसेवक संभालेंगे व्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय रामलीला, लेजर शो और ग्रीन आतिशबाजी से सजेगी रामनगरी

लखनऊ, 7 नवंबर 2026:
रामनगरी अयोध्या एक बार फिर आस्था, भक्ति और भव्यता के ऐसे उत्सव की गवाह बनने जा रही है जिसकी गूंज देश के साथ दुनिया भर में सुनाई देगी। रामनगरी के 10वें दीपोत्सव में इस बार 30 लाख से अधिक दीप प्रज्ज्वलित कर नया कीर्तिमान स्थापित करने की तैयारी है। राम की पैड़ी समेत अयोध्या के 56 घाट दीपों की रोशनी से जगमगाएंगे। वहीं, सरयू तट पर 2,151 वेदाचार्यों और अर्चकों के मंत्रोच्चार के बीच महाआरती होगी। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और सीएम योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी इस आयोजन को खास बनाएगी।
रामनगरी में वर्ष 2017 में शुरू हुआ दीपोत्सव अब वैश्विक पहचान हासिल कर चुका है। प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के मुताबिक पहले आयोजन में 1.71 लाख दीप जलाए गए थे जबकि इस बार इनकी संख्या 30 लाख के पार पहुंचाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि दीपों की बढ़ती संख्या भव्यता के साथ प्रभु श्रीराम के प्रति जन-जन की अटूट आस्था और श्रद्धा का प्रतीक है।
35 हजार स्वयंसेवक संभालेंगे 56 घाटों की व्यवस्था
दीपोत्सव को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए 35 हजार स्वयंसेवकों के साथ 900 घाट समन्वयक, 112 घाट प्रभारी और 27 पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रमों, थीम आधारित सजावट, अंतरराष्ट्रीय रामलीला, मेले और प्रदर्शनियों के जरिए देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को रामनगरी की सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराया जाएगा।

2,100 ड्रोन से आसमान में जीवंत होगी रामायण
इस बार दीपोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण 2,100 ड्रोन का एरियल शो होगा। रंग-बिरंगी रोशनी से सजे ड्रोन आसमान में प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण, हनुमान, रावण वध, पुष्पक विमान और राम दरबार जैसी आकृतियां उकेरेंगे। महर्षि वाल्मीकि और गोस्वामी तुलसीदास के स्वरूपों के साथ राम मंदिर और पर्यटन विभाग के प्रतीक चिह्न भी आसमान में दिखाई देंगे। संगीत, वॉयस ओवर और संगीतमय नैरेशन इस प्रस्तुति को और प्रभावशाली बनाएंगे। अयोध्यावासियों के लिए 9 नवंबर को विशेष ड्रोन शो भी होगा।
विदेशी कलाकारों की रामलीला, 1,000 कलाकारों का सांस्कृतिक धमाल
देश के विभिन्न राज्यों से आए करीब 1,000 कलाकार लोकनृत्य, संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समां बांधेंगे। रामकथा पार्क में असम, केरल और बंगाल के कलाकारों के साथ श्रीलंका, दक्षिण अफ्रीका, थाईलैंड और इंडोनेशिया के बाली के कलाकार भी रामलीला का मंचन करेंगे। वहीं, भव्य शोभायात्रा में रामायण के सातों कांडों पर आधारित झांकियां आकर्षण का केंद्र बनेंगी।

लेजर शो, ग्रीन आतिशबाजी से सजेगा आसमान
युवाओं और जेन-जी को आकर्षित करने के लिए राम की पैड़ी पर मल्टीमीडिया प्रोजेक्शन और लेजर शो होगा। 100 से अधिक कलाकार लाइव प्रस्तुतियां देंगे। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए सरयू तट पर संगीत की धुनों के साथ कोरियोग्राफ्ड एरियल ग्रीन फायर क्रैकर्स शो भी आयोजित किया जाएगा।
इसके अलावा पूरी अयोध्या को थीम आधारित सजावट, स्मार्ट लाइटिंग, एलईडी पैनल, सेल्फी प्वाइंट और सैंड आर्ट से संवारा गया है। क्वीन हो मेमोरियल पार्क में 5 से 9 नवंबर तक पांच दिवसीय दीपोत्सव मेला एवं प्रदर्शनी भी आयोजित की जा रही है।

1.71 लाख से 30 लाख दीपों तक पहुंचा सफर
दीपोत्सव की लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2017 में 1.71 लाख दीपों से शुरू हुआ यह आयोजन 2022 में 15.76 लाख, 2023 में 22.23 लाख, 2024 में 25.12 लाख और 2025 में 26.11 लाख दीपों तक पहुंच गया। अब दसवें संस्करण में 30 लाख से अधिक दीपों के साथ अयोध्या एक बार फिर भव्यता का नया अध्याय लिखने को तैयार है।






