
लखनऊ, 22 सितंबर 2026:
UP Assembly Elections 2027 करीब आने के साथ सियासी जंग अब सड़कों और पोस्टरों तक पहुंच गई है। एक दिन पहले जहां कई शहरों में समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को आजम खान, अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी की तस्वीरों के साथ दिखाने वाले पोस्टर चर्चा में थे तो मंगलवार को लखनऊ में सपा प्रदेश कार्यालय के बाहर लगे एक नए पोस्टर ने सियासी तापमान और बढ़ा दिया।
इस नए पोस्टर में अखिलेश यादव भगवान हनुमान के सामने हाथ जोड़कर बैठे नजर आ रहे हैं और हनुमान जी उनके सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद देते दिखाए गए हैं। पोस्टर पर बड़े अक्षरों में ‘विजय भवः 2027’ लिखा है। इसमें सपा संस्थापक एवं पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव और सपा सांसद डिंपल यादव की तस्वीरें भी लगाई गई हैं। धार्मिक प्रतीक और चुनावी संदेश के इस मेल को लेकर सियासी गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।
यह पोस्टर ऐसे समय सामने आया है जब 2027 के चुनाव को लेकर राजनीतिक दल अपने-अपने सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक संदेश को धार देने में जुटे हैं। इस पोस्टर को सपा से जुड़े एक नेता की ओर से लगाने की बात सामने आई है। इसके बावजूद इसके पीछे पार्टी की अधिकृत रणनीति होने का दावा फिलहाल नहीं किया जा सकता।

‘माफिया’ पोस्टर से शुरू हुआ वार
इससे पहले लखनऊ, गोंडा, गाजीपुर, मुरादाबाद समेत प्रदेश के कई शहरों में अखिलेश यादव के खिलाफ पोस्टर लगाए गए। इनमें आजम खान, अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी और अन्य नेताओं की तस्वीरों के साथ ‘आजम, अतीक और मुख्तार, यही चलाते थे सरकार’ और ‘माफिया के अखिलेश, अखिलेश के माफिया’ जैसे नारे लिखे गए थे। पोस्टर लगाने वालों की पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कई जगह सपा कार्यकर्ताओं ने पोस्टर हटाकर या फाड़कर विरोध जताया।
सपा की ओर से इन पोस्टरों को लेकर भाजपा पर निशाना साधा गया। पार्टी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि जनता के बुनियादी सवालों का जवाब देने के बजाय भाजपा पोस्टर और बयानबाजी का सहारा ले रही है। ऐसे में अब सपा कार्यालय के बाहर ‘विजय भवः 2027’ वाला पोस्टर सामने आने को उसी तेज होते पोस्टर वार की अगली कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है। एक तरफ अखिलेश को घेरने के लिए ‘माफिया’ का मुद्दा उछाला जा रहा है तो दूसरी तरफ सपा खेमे से धार्मिक प्रतीक के जरिए चुनावी संदेश सामने आया है।






