
गोरखपुर, 6 अगस्त 2026:
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (DDUGU) में गुरुवार को Governor आनंदीबेन पटेल दीक्षांत समारोह (Convocation) कार्यक्रम में शामिल हुईं। इसी दौरान बाहर हंगामा खड़ा हो गया। कार्यक्रम के बीच विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर एबीवीपी कार्यकर्ताओं की पुलिस से कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते धक्का-मुक्की और नारेबाजी में बदल गई। मामले के बाद कैंट इंस्पेक्टर संजय सिंह को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
एंट्री नहीं मिलने पर शुरू हुई कहासुनी
जानकारी के मुताबिक एबीवीपी के प्रांत संगठन मंत्री पुनीत अग्रवाल को दीक्षांत समारोह का निमंत्रण मिला था और वह कार्यक्रम में मौजूद थे। इसी दौरान उनके कुछ साथी भी आमंत्रण के आधार पर समारोह में शामिल होने के लिए मुख्य गेट पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। इसके बाद पुनीत अग्रवाल गेट पर पहुंचे, जहां उनकी कैंट थाना प्रभारी संजय सिंह से बहस हो गई। कुछ ही देर में माहौल गर्मा गया।
गेट पर जुटे कार्यकर्ता, सड़क पर हुई नारेबाजी
विवाद की सूचना मिलते ही 100 से ज्यादा एबीवीपी कार्यकर्ता विश्वविद्यालय गेट पर पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। एबीवीपी का आरोप है कि विवाद के दौरान पुलिस ने उनके प्रांत संगठन मंत्री के साथ अभद्र व्यवहार किया, जिससे मामला और बढ़ गया। इसके बाद कार्यकर्ता पहले कैंट थाने पहुंचे, फिर पैदल मार्च करते हुए एसएसपी कार्यालय पहुंचे।

SSP से मुलाकात के बाद हुई कार्रवाई
एसएसपी डॉ कौस्तुभ ने एबीवीपी प्रतिनिधियों से करीब आधे घंटे तक बातचीत की। शिकायत सुनने के बाद कैंट थाना प्रभारी संजय सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। साथ ही पूरे मामले की विभागीय जांच कराने के निर्देश भी दिए गए।
एबीवीपी नेताओं ने लगाए गंभीर आरोप
एबीवीपी के प्रांत मीडिया प्रमुख शिवम पांडे ने आरोप लगाया कि जिन लोगों के पास समारोह का वैध आमंत्रण था, उन्हें भी पुलिस ने अंदर नहीं जाने दिया। उनका कहना है कि पुलिस ने बेवजह सख्ती दिखाई, जिससे पूरा विवाद खड़ा हुआ। संगठन ने आरोप लगाया कि पुलिस के रवैये की वजह से कार्यक्रम का माहौल खराब हुआ।






