
वाराणसी, 13 सितंबर 2026ः
यूपी के वाराणसी में अस्पताल के कैंपस में यूरो सर्जन का शव मिलने से हड़कंप मच गया। अस्पताल के सुरक्षा अधिकारी की सूचना पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस की मौजूदगी में सिक्योरिटी ने कमरे का दरवाजा तोड़ा तो अंदर बेड पर डॉक्टर का शव मिला। छानबीन के दौरान पुलिस को कमरे से इंजेक्शन और दवा की शीशी बरामद हुई है। डॉक्टर सिर झुकाए बैठी हुई अवस्था में मिले। जांच में यह भी पता चला कि उनका पत्नी से अक्सर विवाद होता रहता था। पुलिस का कहना है कि सारी परिस्थितियों को ध्यान में रखकर यह मामला आत्महत्या का लग रहा है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार हेरिटेज अस्पताल के डॉक्टर शुभंकर गौतम पटना के निवासी थे। वे दो साल से यहां कार्यरत थे। उनकी पांच साल पहले शादी हुई थी। वह यहां अकेले रहते थे। रात में जब शुभंकर हॉस्टल मेस में खाना खाने नहीं पहुंचे तो साथी डॉक्टरों ने कॉल की, लेकिन उनका फोन नहीं उठा। इसके बाद सभी सुरक्षा गार्ड को लेकर डॉक्टर के कमरे पर गए। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने पर जब कोई आवाज नहीं आई तो पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस के मौके पर पहुंचे पर दरवाजा तोड़ा गया को देखा कि बेड पर शुंभकर का शव पड़ा था। पुलिस ने शुभंकर का मोबाइल जांच के लिए जब्त कर लिया है। पुलिस के अनुसार डॉक्टर ने आखिरी कॉल पत्नी और परिवार को की थी। रविवार सुबह डॉक्टर का परिवार पटना से वाराणसी पहुंच गया है।
शुभंकर हेरिटेज अस्पताल में तीन साल से यूरोलॉजिस्ट थे। उन्होंने एम्स से एमएस और फिर एमसीएच की डिग्री हासिल की थी। साथी डॉक्टरों ने कमरे का दरवाजा तोड़ने का वीडियो भी बनाया। साथी महिला डॉक्टर ने आवाज दी और उन्हें हिलाया, लेकिन कोई हलचल नहीं हुई। यह देखकर वह घबरा गई। जिस बेड पर डॉक्टर का शव मिला उसके पास पॉलिथिन में सीरींज और दवा की खाली शीशी पड़ी थी। दवा किस चीज की थी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। ऐसी चर्चा है कि वह शायद एनेस्थीसिया की दवा थी। पुलिस मामले की पूरी जांच-पड़ताल कर रही है।

पुलिस को साथी डॉक्टरों ने बताया कि कुछ दिनों से शुभंकर परेशान चल रहे थे। उनका व्यवहार भी बदला हुआ था। मरीजों को देखने के बाद वह कैंपस में ही अपने कमरे में चले गए थे। वह किसी से ज्यादा संपर्क में नहीं रहते थे। अस्पताल में मरीजों को देखकर सीधे आवास पर आ जाते थे। यही कारण है कि जब वह मेस में नहीं पहुंचे तो तुरंत उनसे संपर्क करने का प्रयास किया गया।
पुलिस को जांच व पूछताछ में पता चला कि घरेलू कारणों को लेकर उनका पत्नी से अक्सर झगड़ा होता रहता था। दो बार कमरे पर झगड़ा होने के कारण पुलिस यहां आ चुकी थी। कई बार डॉक्टर की कार्यशैली और उनके व्यवहार को लेकर कई बार मरीज व उनके परिजन शिकायत कर चुके थे। मरीजों की शिकायत पर अस्पताल प्रबंधन के अधिकारी भी कई बार डॉक्टर की काउंसलिंग कर चुके थे। शायद वह घरेलू विवाद को लेकर नशे की लत में आ गए थे।






