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बाढ़ से UP बेहाल! इन 23 जिलों में हाहाकार, सरकार ने छेड़ा सबसे बड़ा राहत-रेस्क्यू ऑपरेशन

16,784 लोगों को किया गया रेस्क्यू, 1,499 नाव-मोटरबोट राहत अभियान में जुटीं, 3.36 लाख से ज्यादा लंच पैकेट बांटे गए, संक्रमण रोकने के लिए 5.02 लाख क्लोरीन टैबलेट और 1.77 लाख ओआरएस पैकेट वितरित

लखनऊ, 3 सितंबर 2026:

यूपी में मानसून की मूसलाधार बारिश के बीच बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। प्रदेश के 35 जिले बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं, जबकि 23 जिलों में हालात गंभीर बने हुए हैं। कई इलाकों में पानी भरने से जलप्रलय जैसे हालात हैं। गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है। संकट की गंभीरता को देखते हुए योगी सरकार ने राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर तेज कर दिया है। प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने के साथ भोजन, स्वास्थ्य सुविधाएं और जरूरी राहत सामग्री पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

1,499 नाव-मोटरबोट से रेस्क्यू, हजारों को सुरक्षित निकाला

बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को निकालने के लिए बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। अब तक 16,784 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। बुधवार को ही 3,042 लोगों को बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों से निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। जलमग्न गांवों और आवागमन बाधित क्षेत्रों में राहत टीमों की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए 1,499 नाव और मोटरबोट लगाई गई हैं। इनके जरिए लोगों को निकालने के साथ-साथ प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री भी पहुंचाई जा रही है।

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इन 23 जिलों में सबसे ज्यादा फोकस

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राहत आयुक्त के मुताबिक वर्तमान में अयोध्या, आजमगढ़, बलिया, बाराबंकी, बदायूं, चंदौली, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोरखपुर, हरदोई, कासगंज, लखीमपुर खीरी, मिर्जापुर, मुरादाबाद, पीलीभीत, प्रयागराज, रायबरेली, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर, सीतापुर, सोनभद्र, उन्नाव और वाराणसी में राहत-बचाव अभियान चल रहा है। संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने और जरूरत पड़ते ही तत्काल सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
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भूखे न रहें बाढ़ प्रभावित परिवार, पहुंच रहा भोजन

बाढ़ के बीच प्रभावित परिवारों के सामने खड़े होने वाले भोजन के संकट को देखते हुए सरकार ने खाद्य राहत को प्राथमिकता दी है। अब तक 68,953 खाद्यान्न पैकेट और 3.36 लाख से अधिक लंच पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। जरूरत वाले क्षेत्रों में राहत सामग्री का वितरण लगातार जारी है।

दूषित पानी से बीमारी का खतरा, स्वास्थ्य टीमों की तैनाती

बाढ़ के बाद दूषित पानी से संक्रमण और जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी मोर्चा संभाल लिया है। अब तक 1,067 मेडिकल टीमें गठित की गई हैं। प्रभावित लोगों को सुरक्षित पेयजल और स्वास्थ्य सुरक्षा देने के लिए 5.02 लाख से अधिक क्लोरीन टैबलेट और 1.77 लाख से ज्यादा ओआरएस पैकेट वितरित किए गए हैं। लोगों को सुरक्षित आश्रय देने के लिए प्रदेश में अब तक 1,311 बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं, जिनमें 201 फिलहाल संचालित हैं।
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पशुधन और मकानों के नुकसान पर भी राहत

सरकार का राहत अभियान केवल लोगों के रेस्क्यू तक सीमित नहीं है। बाढ़ से अब तक 36,287 पशु प्रभावित हुए हैं। वहीं मकानों को नुकसान पहुंचने के 442 मामलों में प्रभावित परिवारों को सहायता दी जा चुकी है। प्रशासन राहत-बचाव के साथ नुकसान का आकलन भी कर रहा है, ताकि प्रभावित परिवारों तक आवश्यक मदद जल्द पहुंचाई जा सके।

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Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

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