
देहरादून, 21 अगस्त 2026:
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में रिवर्स पलायन को बढ़ावा देने के लिए सरकारी योजनाओं का असर जमीन पर दिखाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग की बैठक हुई। इसमें पलायन की स्थिति, रोजगार, स्वरोजगार व स्थानीय उत्पादों को बाजार दिलाने पर चर्चा हुई।
प्रवासी पंचायतों की जानकारी ली
बैठक में ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग ने अलग-अलग जिलों में चल रही प्रवासी पंचायतों, पलायन निवारण व स्वरोजगार जागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी दी। आयोग के सदस्यों ने पहाड़ी इलाकों में रोजगार के मौके बढ़ाने के साथ रिवर्स पलायन को गति देने के लिए सुझाव भी रखे।
विभागों को मिलकर काम करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बैठक में मिले सुझावों के आधार पर प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए। रिवर्स पलायन के लिए सभी विभाग अपनी योजनाओं को आपस में जोड़कर काम करें। विभागीय योजनाओं का लाभ ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने पर फोकस किया जाए।

गांव तक पहुंचे योजनाओं की जानकारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीणों को स्वरोजगार व आजीविका से जुड़ी योजनाओं की जानकारी आसान तरीके से मिलनी चाहिए। योजना का लाभ लेने के लिए लोगों को बार-बार सरकारी दफ्तरों या बैंकों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाए। योजनाओं की जानकारी गांव स्तर तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया।
स्थानीय संसाधनों से रोजगार पर जोर
बैठक में पर्वतीय क्षेत्रों के स्थानीय संसाधनों, पारंपरिक ज्ञान व हुनर को रोजगार से जोड़ने की जरूरत बताई गई। मुख्यमंत्री ने युवाओं को अपने गांव में ही कमाई के मौके उपलब्ध कराने के लिए ठोस काम करने को कहा। स्थानीय उत्पादों की quality, branding व बेहतर market उपलब्ध कराने पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
गांवों में आजीविका के साथ सुविधाएं जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि रिवर्स पलायन सिर्फ रोजगार के अवसर पैदा करने से नहीं होगा। इसके लिए गांवों में आजीविका के साथ जरूरी सुविधाएं व नई संभावनाएं विकसित करनी होंगी। सभी विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने के निर्देश दिए गए। बैठक में ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग के उपाध्यक्ष एसएस नेगी, सदस्य अनिल सिंह शाही, दिनेश रावत, सुरेश सुयाल, राम प्रकाश पैन्यूली, रंजना रावत, सचिव धीराज गर्ब्याल, डॉ. श्रीधर बाबू अद्दांकी, सी रविशंकर, अहमद इकबाल, अपर सचिव सौरभ गहरवार, अनुराधा पाल व संतोष बडोनी मौजूद रहे।






