महिला आरक्षण पर कांग्रेस का वार, सुप्रिया श्रीनेत पहुंचीं देहरादून, कहा…सरकार खुद टाल रही फैसला
राजीव भवन में प्रेस वार्ता में भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप, जनगणना व परिसीमन को बताया देरी की वजह, प्रदेश अध्यक्ष ने भी उत्तराखंड में मौजूदा 70 सीटों पर तुरंत आरक्षण लागू करने की मांग रखी
राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 21 अप्रैल 2026:
कांग्रेस की सोशल मीडिया की चेयरपर्सन सुप्रिया श्रीनेत ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि आरक्षण लागू करने में सबसे बड़ा अड़ंगा खुद प्रधानमंत्री हैं।
मंगलवार को राजीव भवन में हुई प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि सरकार के पास मौजूदा लोकसभा और विधानसभा सीटों पर ही महिला आरक्षण लागू करने का विकल्प है, लेकिन नीयत साफ नहीं दिख रही। उनके मुताबिक, जनगणना और परिसीमन का हवाला देकर इस मुद्दे को आगे खिसकाया जा रहा है।
उन्होंने प्रधानमंत्री के हालिया संबोधन पर भी सवाल उठाए। कहा कि भाषण में कई बार कांग्रेस का जिक्र किया गया, जिससे साफ है कि भाजपा विपक्ष से दबाव महसूस कर रही है। श्रीनेत ने कहा कि महिला आरक्षण की बुनियाद कांग्रेस ने रखी थी। साल 2010 में लाया गया बिल राज्यसभा से पास हुआ था, लेकिन लोकसभा में अटक गया। उनका आरोप है कि भाजपा चाहती तो उसी बिल को आगे बढ़ा सकती थी, मगर ऐसा नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि महिलाएं अपने साथ हुए बर्ताव को याद रखती हैं और समय आने पर जवाब देती हैं। प्रेस वार्ता में उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिल पास होने के बाद भी उसे लागू नहीं किया जा रहा। मांग रखी कि राज्य की मौजूदा 70 विधानसभा सीटों पर ही महिला आरक्षण लागू किया जाए। इस दौरान कांग्रेस की प्रवक्ता गरिमा दसौनी, अभिनव थापर, शीशपाल बिष्ट, अमरजीत सिंह समेत कई नेता मौजूद रहे।






