प्रयागराज न्यूज : हाईकोर्ट से आजम खान-अब्दुल्ला को राहत, फिर भी जेल से बाहर आना मुश्किल
दो पैन कार्ड मामला, दोषसिद्धि पर रोक लगाने से हाईकोर्ट का इनकार, दूसरे मुकदमों के चलते आजम की जेल से रिहाई मुश्किल

प्रयागराज, 29 अक्टूबर 2026:
उत्तर प्रदेश के समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान को दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिली है। गुरुवार को कोर्ट ने आजम खान उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की जमानत अर्जी मंजूर करते हुए सजा पर रोक लगा दी। हालांकि, दोनों की दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग खारिज कर दी गई। ऐसे में इस फैसले से उनकी सजा पर राहत मिली है, लेकिन दोषसिद्धि बरकरार रहेगी।
जमानत मंजूर, दोषसिद्धि बरकरार
न्यायमूर्ति समित गोपाल की पीठ ने आजम खान व अब्दुल्ला आजम की अलग-अलग आपराधिक पुनरीक्षण याचिकाओं पर यह आदेश दिया। दोनों ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए अपील लंबित रहने तक सजा निलंबित करने की मांग की थी। उनके वकीलों ने 15 अक्टूबर को हुई सुनवाई के दौरान अपना पक्ष रखा था। इसके बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।
अलग-अलग जन्मतिथि वाले पैन कार्ड का मामला
अभियोजन पक्ष का आरोप है कि आजम खान व अब्दुल्ला आजम ने अलग-अलग जन्मतिथियों का उल्लेख करने वाले दूसरे पैन कार्ड बनवाए थे। आरोपों में चुनावी नामांकन पत्रों में दूसरे पैन कार्ड के इस्तेमाल का मामला भी शामिल है। दोनों ने निचली अदालत के निष्कर्षों, दोषसिद्धि व सजा को आपराधिक पुनरीक्षण याचिकाओं के जरिए चुनौती दी थी।
आजम को 10 साल, अब्दुल्ला को सात साल की सजा
इस मामले में एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने दोनों को सात साल की सजा सुनाई थी। बाद में सजा बढ़ाने की मांग पर सुनवाई करते हुए एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने आजम खान की सजा सात साल से बढ़ाकर 10 साल कर दी थी। उन पर जुर्माना भी 50 हजार रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया गया था। अब्दुल्ला आजम की सात साल की सजा बरकरार रखते हुए जुर्माना 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 3.5 लाख रुपये कर दिया गया था।
दूसरे मुकदमों के चलते जेल से रिहाई मुश्किल
हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बावजूद आजम खान की तत्काल जेल से रिहाई नहीं हो सकेगी। रिपोर्ट के मुताबिक, उनके खिलाफ दूसरे मामले भी लंबित हैं। ऐसे में इस मामले में मिली राहत के बावजूद जेल से बाहर आने के लिए उन्हें अन्य मामलों में भी कानूनी राहत की जरूरत होगी।






