Uttar Pradesh

गंगा एक्सप्रेसवे बनेगा UP का ग्रोथ इंजन : 12 जिलों की अर्थव्यवस्था बदलने वाला इंडस्ट्रियल गेमचेंजर

मेरठ से प्रयागराज तक बन रहा इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग-लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर, हर जिले की खासियत को मिल रही ग्लोबल मार्केट से सीधी कनेक्टिविटी

लखनऊ, 28 अप्रैल 2026:

यूपी में इंफ्रास्ट्रक्चर को सीधे आर्थिक विकास से जोड़ने की रणनीति अब जमीन पर असर दिखाने लगी है। गंगा एक्सप्रेसवे एक हाईवे के साथ इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर (IMLC) के रूप में उभर रहा है। यह प्रदेश के 12 जिलों की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला साबित होगा। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की ओर से विकसित किए जा रहे ये नोड्स हर जिले की स्थानीय ताकत को उद्योग और बाजार से जोड़ रहे हैं।

मेरठ से शुरू होकर प्रयागराज तक फैला यह कॉरिडोर विकास का नया नक्शा खींच रहा है। इसकी शुरुआत मेरठ से होती है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जुड़कर डेटा सेंटर, वेयरहाउसिंग और स्पोर्ट्स इंडस्ट्री का बड़ा हब बन रहा है। ई-कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स सेक्टर के विस्तार ने यहां रोजगार और निवेश दोनों को तेज किया है।

WhatsApp Image 2026-04-28 at 11.23.32 AM

हापुड़ में गढ़मुक्तेश्वर (ब्रजघाट) को सीधी कनेक्टिविटी मिलने से धार्मिक पर्यटन को नई उड़ान मिलने जा रहा है। वहीं एग्रो प्रोसेसिंग यूनिट्स किसानों की आय बढ़ाने का आधार बन रही हैं। बुलंदशहर, जेवर एयरपोर्ट की नजदीकी के चलते सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स का पावरहाउस बन रहा है। यहां इंडस्ट्रियल क्लस्टर तेजी से विकसित हो रहे हैं।

Advertisement

अमरोहा और संभल जैसे जिले अपनी पारंपरिक कला के लिए जाने जाते हैं और अब ग्लोबल मार्केट से जुड़ने की राह पर हैं। अमरोहा के ढोलक और लकड़ी के हस्तशिल्प तथा संभल का हॉर्न और बोन क्राफ्ट अब तेज ट्रांसपोर्ट नेटवर्क के जरिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बना रहे हैं।

बदायूं में विकसित हो रही इंडस्ट्रियल टाउनशिप निवेश का नया केंद्र बन रही है। यहां शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में भी निजी भागीदारी बढ़ रही है। शाहजहांपुर में 3.5 किमी लंबी हवाई पट्टी इसे रणनीतिक दृष्टि से अहम बनाती है। वहीं कौशल विकास केंद्र युवाओं को रोजगार से जोड़ रहे हैं।

 

ganga path

 

हरदोई इस कॉरिडोर का सबसे लंबा हिस्सा समेटे हुए है। नॉलेज पार्क और टेक्सटाइल पार्क के जरिए हरदोई औद्योगिक पहचान बना रहा है। उन्नाव, लखनऊ और कानपुर के साथ मिलकर ट्राई-सिटी मॉडल में बदल रहा है। इससे लेदर उद्योग को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक नई पहुंच मिलने वाली है।

रायबरेली में रेलवे कोच फैक्ट्री के आसपास एंसिलरी इंडस्ट्रीज का विस्तार एक मजबूत औद्योगिक इकोसिस्टम बना रहा है। प्रतापगढ़ का आंवला अब फूड प्रोसेसिंग और ब्रांडिंग के जरिए वैश्विक पहचान की ओर बढ़ रहा है।

यह एक्सप्रेसवे प्रयागराज में खत्म होता है। प्रयागराज पर्यटन, न्याय और व्यापार का संगम बन रहा है। कुंभ और माघ मेले के दौरान बेहतर कनेक्टिविटी जहां श्रद्धालुओं को राहत देगी वहीं प्रस्तावित कमर्शियल हब इसे एक बड़े सर्विस सेक्टर केंद्र में बदलने की तैयारी में है।

READ MORE 

ये भी पढ़ें  प्लेइंग इलेवन से बाहर हो सकते थे विराट कोहली इसलिए लिया टेस्ट से संन्यास : पूर्व स्पिनर मोंटी पनेसर

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button
Secret Link