Prayagraj

प्रयागराज : संगम में घाट डूबा तो सड़क पर जलने लगीं चिताएं, अंतिम संस्कार के लिए घंटों इंतजार

दारागंज घाट पर पानी भरने से सीमित हुई जगह, यूपी के प्रयागराज में बाहर से आए परिवारों की बढ़ी परेशानी, गीली लकड़ियों ने बढ़ाई मुश्किल, लोगों ने बाढ़ के दौरान वैकल्पिक इंतजाम की मांग की, उधर कछार इलाके में गांवों तक पहुंच गया है पानी

प्रयागराज, 23 अगस्त 2026:

यूपी के प्रयागराज में गंगा-यमुना का जलस्तर बढ़ने से संगम क्षेत्र के घाट जलमग्न हो गए हैं। दारागंज घाट पर पानी भरने के बाद अंतिम संस्कार के लिए जगह कम पड़ गई है। ऐसे में लोगों को मजबूरी में सड़क किनारे चिता जलानी पड़ रही है। दूर-दराज से शव लेकर पहुंचे परिवारों को अपनी बारी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।

दारागंज घाट पर बढ़ी लोगों की भीड़

दारागंज घाट पर प्रयागराज के अलावा आसपास के जिलों से लोग अंतिम संस्कार के लिए पहुंचते हैं। मध्य प्रदेश के रीवा क्षेत्र से भी कई परिवार यहां आते हैं। सामान्य दिनों में यहां लगातार अंतिम संस्कार होते हैं, लेकिन बाढ़ का पानी घाट तक पहुंचने से उपलब्ध जगह काफी कम हो गई है। इससे एक शव के अंतिम संस्कार के बाद दूसरे परिवार को जगह मिलने में समय लग रहा है।

ये भी पढ़ें:

मुख्य सड़क के किनारे जल रही चिताएं

घाट जलमग्न होने के बाद लोग दारागंज से संगम की तरफ जाने वाली मुख्य सड़क के किनारे अंतिम संस्कार करने को मजबूर हैं। सड़क पर एक के बाद एक चिताएं दिखाई दे रही हैं। इससे अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे परिवारों की परेशानी बढ़ गई है। सड़क से गुजरने वाले लोगों को भी आवाजाही में दिक्कत हो रही है।

वैकल्पिक इंतजाम नहीं होने की शिकायत

लोगों का कहना है कि बाढ़ के दौरान अंतिम संस्कार के लिए पहले से अलग जगह तय होनी चाहिए। टीन शेड, पर्याप्त लकड़ी जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने से उन्हें मुश्किल हालात में अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है। बाहर से आने वाले परिवारों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
prayagraj-flood-daraganj-ghat-submerged-cremation-on-roadside (2)

गीली लकड़ियों से भी मुश्किल

घाट पर पानी भरने का असर लकड़ियों पर भी पड़ा है। लोगों के मुताबिक कई लकड़ियां भीग गई हैं, जिससे अंतिम संस्कार में दिक्कत हो रही है। लोगों का आरोप है कि व्यवस्था की कमी का फायदा उठाकर कुछ लोग लकड़ी समेत दूसरी जरूरतों के लिए मनमाना पैसा मांग रहे हैं।

जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में बढ़ी चिंता

गंगा-यमुना का जलस्तर बढ़ने के बाद सलोरी, बघाड़ा, छोटा बघाड़ा, बड़ा बघाड़ा, तेलियरगंज, राजापुर, दारागंज, रसूलाबाद समेत निचले इलाकों में लोग अलर्ट हैं। इन इलाकों में बड़ी संख्या में छात्र किराए के कमरों में रहते हैं। पानी बढ़ने की आशंका को देखते हुए छात्रों ने जरूरी सामान सुरक्षित जगहों पर रखना शुरू कर दिया है। लोगों को चिंता है कि जलस्तर तेजी से बढ़ा तो घरों में पानी घुस सकता है। संगम स्थित श्री बड़े हनुमान मंदिर के कॉरिडोर तक भी पानी पहुंच गया है।
prayagraj-flood-daraganj-ghat-submerged-cremation-on-roadside (3)

गांवों तक पहुंच रहा पानी, तैयार हो रहे राहत शिविर

कछार इलाके के कई गांवों में गंगा-यमुना का पानी पहुंचने लगा है। कुछ जगह रास्तों पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ है। ग्रामीण जरूरी सामान के साथ मवेशियों को भी सुरक्षित जगहों पर ले जाने की तैयारी कर रहे हैं। खेतों तक पानी पहुंचने से फसलों को नुकसान का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने निचले इलाकों की निगरानी बढ़ा दी है, राहत शिविर तैयार किए जा रहे हैं।

ये भी पढ़ें  यूपी बोर्ड रिजल्ट जारी...हाईस्कूल में काशिश व अंशिका बनीं टॉपर, इंटर में भी बेटियों का जलवा

Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button