UP News: लेखपालों का आर-पार का ऐलान! काली पट्टी बांधकर किया काम, प्रशासन की बढ़ाई मुश्किलें
16 साल से भत्तों में बढ़ोतरी नहीं, नवनियुक्त लेखपालों का स्थायीकरण भी लंबित, समाधान दिवस के बहिष्कार और ऑनलाइन काम ठप करने के बाद तीसरे चरण में पहुंचा आंदोलन, मांगें न मानी गईं तो और तेज होगा विरोध

एमएम खान
मोहनलालगंज (लखनऊ), 10 अक्टूबर 2026:
यूपी में अपनी लंबित मांगों को लेकर लेखपालों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। शनिवार को आंदोलन के तीसरे चरण में लखनऊ के निगोहां, नगराम, मोहनलालगंज समेत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लेखपालों ने काली पट्टी बांधकर थाना दिवस पर काम किया और सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर की। लेखपालों का कहना है कि वर्षों से लंबित मांगों पर शासन और राजस्व परिषद की उदासीनता के चलते पूरे संवर्ग में आक्रोश बढ़ रहा है।
लेखपाल संघ के मुताबिक 16 वर्षों से भत्तों में बढ़ोतरी नहीं हुई है। वहीं, नवनियुक्त लेखपालों का परीक्षा परिणाम घोषित होने और स्थायीकरण की प्रक्रिया भी लंबित है। परिषद का आदेश जारी होने के बावजूद लेखपालों को पटल सहायक और प्रभारी राजस्व निरीक्षक के कार्यों से मुक्त नहीं किया गया है। इसके अलावा 10 वर्षों से लेखपालों को तकनीकी पद घोषित करने की मांग पूरी नहीं हुई। संघ ने ग्राम सचिवालयों में बुनियादी सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और बढ़े हुए भत्ते के बिना रोस्टर ड्यूटी लगाए जाने पर भी सवाल उठाए।
उनका कहना है कि लेखपाल सरकार की योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने से लेकर राजस्व संबंधी कार्यों और आपदा प्रबंधन तक में दिन-रात जुटे रहते हैं। इसके बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है।
पहले समाधान दिवस का बहिष्कार, फिर ऑनलाइन काम बंद
आंदोलन के तहत तीन अक्टूबर को लेखपालों ने संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार कर सुबह 10 से दोपहर दो बजे तक धरना दिया था और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा था। आठ अक्टूबर को तहसील के प्रशासनिक व्हाट्सएप ग्रुप छोड़ने के साथ आय, जाति, निवास प्रमाणपत्र, वरासत, फार्मर रजिस्ट्रेशन और सत्यापन जैसे ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार किया गया।

जिलाध्यक्ष विश्वनाथ प्रताप सिंह ने बताया कि कार्य बहिष्कार के बावजूद लेखपाल मानवीय संवेदनाओं को ध्यान में रखते हुए आपदा संबंधी कार्यों में पूरी निष्ठा से जुटे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आपदा राहत के कार्यों से उनका विरोध नहीं है। संघ ने चेतावनी दी है कि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। निगोहां थाने में आयोजित समाधान दिवस के दौरान जिलाध्यक्ष के साथ लेखपाल अहमद अब्बास, मोहित सिंह, सरिता मौर्या, रिंकी साहू, शिखा यादव, रुचि मौर्या और जूही मौर्या समेत अन्य लेखपाल मौजूद रहे।






