Gorakhpur

Gorakhpur Job Fraud : फर्जी ज्वाइनिंग लेटर थमाया, नकली दफ्तर में 6 महीने ड्यूटी, नौकरी का झांसा देकर ठगे 12 लाख

रामगढ़ताल में रहने वाले युवक के साथ हुई जालसाजी बिहार के मोतिहारी में फर्जी पहचान पत्र देकर युवक से कराया काम, फॉरेस्ट गार्ड की नौकरी बचाने के नाम पर मांगे 11 लाख, बाप-बेटी समेत तीन पर केस दर्ज

गोरखपुर, 31 अक्टूबर 2026:

यूपी के गोरखपुर में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक परिवार से लगभग 12 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। खुद को सेना से जुड़ा बताने वाले एक व्यक्ति ने अपने बेटा-बेटी के साथ मिलकर वन विभाग में फॉरेस्ट गार्ड की नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। इसके लिए युवक का लखनऊ में मेडिकल कराया गया, फिर बिहार के मोतिहारी में ज्वाइनिंग लेटर भेजकर एक दफ्तर में काम पर लगा दिया। युवक करीब छह महीने तक वहां ड्यूटी करता रहा, लेकिन बाद में पता चला कि उसका ज्वाइनिंग लेटर, पहचान पत्र से लेकर नौकरी से जुड़े दस्तावेज तक फर्जी थे। रामगढ़ताल पुलिस ने पिता, बेटे-बेटी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

शादी समारोह में हुई थी जालसाज परिवार से मुलाकात

मामला रामगढ़ताल थाना क्षेत्र की शिवपुरी नई कॉलोनी मिर्जापुर के रहने वाले जितेंद्र कुमार राजभर से जुड़ा है। शिकायत के मुताबिक, जितेंद्र एक मैरिज हॉल में काम करते हैं। इसी दौरान एक शादी समारोह में उनकी मुलाकात विनोद कुमार मिश्रा से हुई। उसके साथ उसका बेटा दीपक और बेटी पूजा भी थे। बातचीत के दौरान विनोद ने खुद को फौज का आदमी बताया। उसने बड़े-बड़े लोगों से पहचान होने का दावा करते हुए कहा कि वह अब तक 15 से 20 लोगों को सरकारी नौकरी दिलवा चुका है। उसने जितेंद्र को भरोसा दिलाया कि उनके बेटे सुनील कुमार राजभर की भी आसानी से नौकरी लगवा देगा, बस रुपये का इंतजाम करना होगा।

मेडिकल के बाद मोबाइल पर भेजा नियुक्ति पत्र

जितेंद्र के मुताबिक, आरोपियों ने शुरुआत में मेडिकल कराने के नाम पर 50 हजार रुपये मांगे। भरोसे में आकर उन्होंने नकद रकम दे दी। इसके बाद विनोद उनके बेटे सुनील को मेडिकल कराने के लिए लखनऊ ले गया। कुछ दिन बाद सुनील के मोबाइल पर वन विभाग में फॉरेस्ट गार्ड पद का नियुक्ति पत्र भेजा गया। इस पर 4 मई 2024 की तारीख दर्ज थी। युवक को बिहार के मोतिहारी में ज्वाइन करने के लिए कहा गया। साथ ही बताया गया कि रेलवे स्टेशन पर उनका एक आदमी मिलेगा, जो आगे की प्रक्रिया पूरी कराएगा।

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तीन दिन होटल में रहा, फिर किराये पर लिया कमरा

सुनील तय तारीख पर मोतिहारी पहुंचा, लेकिन स्टेशन पर उसे लेने कोई नहीं आया। इसके बाद वह तीन दिन तक एक होटल में रहा। बाद में चंद सरैया, पिपरा कोठी इलाके में नवीन कुमार के यहां किराये पर कमरा ले लिया। इस बीच पिता की विनोद से बातचीत हुई तो उसने अपने बेटे दीपक को सुनील के पास भेज दिया। दीपक उसे मोतिहारी स्थित एक ऑफिस में ले गया। वहां सुनील का पहचान पत्र बनवाया गया, उसे वर्दी पहनाई गई। इसके बाद रजिस्टर पर हस्ताक्षर कराकर नियमित रूप से ऑफिस बुलाया जाने लगा। सुनील को बताया गया कि उसकी नौकरी लग चुकी है और वह काम शुरू कर दे।

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नौकरी छिनने का डर दिखाकर मांगे 11 लाख

कुछ समय बाद आरोपियों ने नौकरी पक्की कराने के नाम पर 11 लाख रुपये की मांग शुरू कर दी। सुनील के पिता से कहा गया कि अगर रकम नहीं दी तो बेटे की नौकरी चली जाएगी। बेटे के भविष्य को लेकर चिंतित जितेंद्र ने पत्नी के गहने गिरवी रखे। इसके अलावा रिश्तेदारों व अन्य लोगों से कर्ज लेकर रकम जुटाई। आरोप है कि विनोद के कहने पर उसके बेटे दीपक और बेटी पूजा को दो बार में 5.50-5.50 लाख रुपये नकद दिए गए। इस तरह 11 लाख रुपये का भुगतान किया गया। इसके अलावा शिकायत में 3 लाख 20 हजार 700 रुपये के ऑनलाइन लेनदेन का भी ब्योरा दिया गया है।

छह महीने काम कराया, न वेतन मिला न नौकरी के दस्तावेज सही निकले

सुनील करीब छह महीने तक मोतिहारी के उस ऑफिस में जाता रहा। उससे रजिस्टर पर हस्ताक्षर कराकर काम कराया जाता था। आरोप है कि इस दौरान उसे कोई वेतन नहीं दिया गया। शुरुआत में विनोद ने भरोसा दिया था कि नई नौकरी होने के कारण कई महीने का वेतन एक साथ मिलेगा। छह महीने बीतने के बाद दीपक अचानक गायब हो गया। विनोद ने भी फोन उठाना बंद कर दिया। इसके बाद जितेंद्र ने बेटे के साथ मिलकर नौकरी से जुड़े कागजात की जांच-पड़ताल की तो नियुक्ति पत्र, पहचान पत्र से लेकर पद व तैनाती की जानकारी तक फर्जी निकली। परिवार ने आरोपियों से रुपये वापस मांगे तो पहले टालमटोल की गई, बाद में गाली-गलौज कर धमकी देने का आरोप लगाया गया।

एसएसपी के आदेश पर दर्ज हुई एफआईआर

जितेंद्र ने इस मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत की थी। उनकी शिकायत के साथ कथित नियुक्ति पत्र, पहचान पत्र, ऑनलाइन भुगतान का ब्योरा व बैंक खाते से जुड़े दस्तावेज भी लगाए गए। पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर 30 अक्टूबर की रात रामगढ़ताल थाने में विनोद कुमार मिश्रा, उसके बेटे दीपक व बेटी पूजा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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